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संक्षिप्त परिचय
इतिहास :-
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग ने स्वतंत्रता के पश्चात भारत के पुस्तक उद्योग की उन्नति एवं विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विभाग को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजी सरकार ने एक्सिस शक्तियों के विरुद्ध प्रचार करने के उद्देश्य से स्थापित किया था। परंतु कालांतर में कई रूपों में इसके कार्यों में परिवर्तन किया गया। परिणाम स्वरूप यह विभाग न केवल हिंदी, अंग्रेजी एवं उर्दू बल्कि कुछ विदेशी भाषाओं जैसे फारसी, अरबी एवं रूसी भाषाओं में पत्रिकाओं का प्रकाशन करने लगा था। इसके प्रकाशनों में डेविड कोपरफील्ड का अरबी संस्करण (संक्षिप्त) तथा रामायण का रूसी पाक्षिक शामिल था। इसकी अपनी प्रिंटिंग प्रेस थी। स्वतंत्रता के बाद बहुत से अन्य विभाग जैसे फिल्म तथा मनोरंजन, प्रदर्शनियों आदि के माध्यम से प्रचार कार्य में शामिल थे उन्हें समाप्त कर दिया गया तथा विकास के लिए सूचना की उपलब्धता के महत्व को स्वीकार करते हुए सरकार ने इस विभाग को यथावत बनाए रखा। वास्तव में प्रकाशन विभाग ने पंच वर्षीय योजनाओं का संदेश जनसाधारण तक पहुंचाया तथा आम लोगों की रुचि एवं जरूरतों के अनुरूप पुस्तकों एवं पत्रिकाओं को प्रकाशित करके जनसाधारण को व्यापक पैमाने पर जानकारी दी अथवा प्रेरित किया।
प्रकाशन विभाग देश में अग्रणी प्रकाशन संस्थान होने के साथ साथ सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बडा प्रकाशन घराना है। प्रकाशन विभाग राष्ट्रीय महत्व के महत्वपूर्ण विषयों एवं भारत की समृद्ध एवं विविधतापूर्ण सांस्कृतिक विरासत की पुस्तकों एवं पत्रिकाओं का एकमात्र संग्रहकर्ता है। प्रकाशन विभाग एकमात्र ऐसा संस्थान है जो राष्ट्रीय विरासत को संरक्षित करने तथा राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर उत्कृष्ट एवं सस्ती पाठ्य सामग्री तैयार करने एवं उसकी बिक्री करके सूचना का प्रचार प्रसार करता है। इन महत्वपूर्ण विषयों में कला, इतिहास, संस्कृति, सुप्रसिद्ध लोगों की जीवनी, धरती और लोग, वनस्पति एवं जीव जंतु, बाल साहित्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, गांधी साहित्य तथा भारत एक संदर्भ वार्षिकी (भारत) शामिल हैं। यह विभाग राष्ट्रपतियों एवं प्रधानमंत्रियों के चुनिंदा भाषणों का संग्रह भी प्रकाशित करता है। इसका मुख्यालय दिल्ली में है और नई दिल्ली, मुम्बई, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, पटना, लखनऊ, तिरुवनंतपुरम में विभिन्न क्षेत्रीय इकाइयां हैं और इसके नई दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, गुवाहाटी, हैदराबाद और बंगलौर में योजना के कार्यालय हैं। रोजगार समाचार का कार्यालय तथा पत्रिका एकक नई दिल्ली में स्थित है।
प्रकाशन विभाग देश के विभिन्न महत्वपूर्ण शहरों में स्थित अपने विक्रय केंद्रो तथा एजेंटों के माध्या से अपनी पुस्तकों एवं पत्रिकाओं का विक्रय करता है। यह पुस्तकों, पत्रिकाओं की बिक्री को बढावा देने के लिए विभिन्न पुस्तक मेलों एवं प्रदर्शनियों में भाग लेता है।
इसने अब तक 7600 पुस्तकों का प्रकाशन किया है जिनमें से आज भी 1500 पुस्तकें मौजूद हैं। पुस्तकों के अतिरिक्त प्रकाशन विभाग राष्ट्रीय एवं सामाजिक महत्व की 21 पत्रिकाओं को भी प्रकाशित करता है।
हिंदी में लोकप्रिय मासिक पत्रिका बालभारती वर्ष 1948 से लगातार प्रकाशित हो रही है। इसका उद्देश्य बच्चों का स्वस्थ मनोरंजन करने के साथ साथ उन्हें शिक्षित करना तथा लघु कथाओं, कविताओं, चित्र कहानियों और सूचनाप्रद लेखों के माध्यम से उनमें नैतिक गुणों का समावेश करना एवं उनके वैज्ञानिक दृषिकोण का विकास करना है।
आजकल हिंदी एवं उर्दू की महत्वपूर्ण साहित्यिक पत्रिका है। इस पत्रिका में भारतीय संस्कृति एवं साहित्य के विभिन्न पक्षों पर अनेक विशेषांक प्रकाशत किए जाते हैं।
इस विभाग की सर्वाधिक महत्वपूर्ण पत्रिका योजना देश के योजनाबद्ध विकास के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के साथ साथ विकास के सामाजिक आर्थिक पहलू पर सभी वर्गों की स्वस्थ बहस के लिए एक मंच प्रदान करती है। योजना 13 भाषाओं में प्रकाशित की जाती है। यह क्षेत्रीय विकास, अन्वेषण और नवीन गतिविधियों को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करती है।
कुरुक्षेत्र : ग्रामीण विकास को समर्पित पत्रिका है। ग्रामीण क्षेत्र में जारी कार्यक्रमों, नीतियों और विकास गतिविधियों के कार्यान्वयन पर विचार विमर्श के लिए मंच प्रदान करती है।
रोजगार समाचार/एम्प्लायमेंट न्यूज -- हर सप्ताह अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू में प्रकाशित यह सबसे अधिक प्रसार वाली कैरियर गाइड है। इसमें केंद्र/राज्य सरकार के विभागों, सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों, शिक्षा संस्थानों और प्रमुख निजी संस्थानों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की सूचना देता है। इसके सम्पादकीय पृष्ठ पर एक प्रमुख लेख, ताजा घटनाक्रम, सम्पादक के नाम पत्र, प्रसिद्ध उक्तियां, विज्ञान संबंधी लेख प्रकाशित किए जाते हैं। इसके अलावा कैरियर परामर्श और परीक्षार्थियों के उपयोग के अन्य विषय इसमें शामिल किए जाते हैं।
भारतेंदु हरिशचंद्र पुरस्कार : प्रारंभ में जनसंचार के क्षेत्र में मौलिक हिंदी लेखन को प्रोत्साहित करने के लिए दिए जाने वाले भारतेंदु हरिशचन्द्र पुरस्कार योजना में बाल साहित्य, महिला समस्या और राष्ट्रीय एकता को भी शामिल कर लिया गया है।
मल्टी मीडिया इन्टरेक्टिव सीडी
मल्टी मीडिया इन्टरेक्टिव सीडी प्रोजेक्ट के माध्यम से विभाग ने ई पब्लिशिंग के क्षेत्र में कदम रखा है। इसका लक्ष्य भारत और विदेश में रह रहे मीडिया प्रेमी नई पीढी को भारत की समृद्ध संस्कृति से परिचित कराना है। इस मल्टी मीडिया इन्टरेक्टिव सीडी रोम में इस विषय पर आडियो विजुअल विवरण ही नहीं बल्कि महत्वपूर्ण चुनिंदा लेखों और इंटरेक्टिव क्वीज, पर एक इलेक्ट्रानिक पुस्तक सहित संबंधित वेबसाइट के हाइपर लिंक्स और जहां संभव है वहां वर्चुअल वाक यूज एवं वर्चुअल रिअलिटी फीचर्स भी शामिल किए गए हैं। सरकार द्वारा जारी यह अपनी तरह की पहली सीडी है।
सीडी फार्मेट में निम्नलिखित मल्टीमीडिया ई पुस्तकें उपलब्ध हैं।
वृहदेश्वर मंदिर
एक विशेष धरोहर स्मारक
इस सीडी में निम्नलिखित विषय शामिल हैं। इसिहास, स्थापत्य कला, चित्रकला, घटनाएं, ई बुक।
गोआ
एक विश्व धरोहर और पर्यटन और पर्यटन स्थल।
इस सीडी में निम्नलिखित विषय हैं : * इतिहास * कला और स्थापत्य कला * स्मारक और संग्रहालय * राष्ट्रीय संसाधन * शहर और बाजार * मेले और त्योहार * संगीत और नृत्य *लोग और उनकी जीवनशैली *खानपान और समुद्र तट।
भारतीय पेंटिंग
-- राक पेंटिंग से आधुनिक कला
सीडी के निम्नलिखित घटक हैं -- म्युरल्स, मैनुस्क्रिप्ट पेंटिंग (पाला और जैन) मुगल मिनिएचर्स, दक्कनी मिनिएचर्स, राजस्थानी मिनिएचर्स, कम्पनी पेंटिंग्स, राक आर्ट, फोक एंड ट्रायबल आर्ट और द माडर्न ईडियम।
कोनार्क
द ब्लैक पगोडा
इंटरएक्टिव घटक में शामिल हैं -- फिल्म, ए वाक थ्रू, ई बुक, कोनार्क, हिस्ट्री, आक्रिटेक्चर एंड स्कल्पचर आर्ट, सन टेम्पल काम्प्लैक्स एंड एडज्वायनिंग मानुमेंट्स, फोटो गैलरी एंड नियर बाई साइट्स।
आदि शंकरा की विरासत
संस्कृति एवं भारत में विद्या पर्यटन
आदि शंकरा की विरासत को मल्टी मीडिया सीडी में भली भांति समझाया गया है। इसमें आदि शंकरा के जीवन एवं कार्य का विस्तृत विवरण प्रदर्शित किया गया है तथा इसमें उनके द्वारा रचित विख्यात हिम्स का आडियो के साथ साथ उनके द्वारा तैयार किए गए मल्टी ट्रेडिशन का वीडियो फुटेज प्रदर्शित किया गया है।
सांची स्तूप
ए स्प्रीचुअल सिम्फनी इन स्टोन
(विश्व की विरासत बुध का समारक)
इंटरैक्टिव घटक में शामिल हैं -- ग्लिम्पसेज आफ सांची, ए वर्चुअल वाक थ्रू , ई बुक, स्निपेट्स, क्विज तथा फोटो गैलरी।
कुतुम और महरौली काम्प्लैक्स
(विश्व की विरासत स्मारक)
सीडी में शामिल हैं -- कुतुब काम्प्लैक्स, कुवतुल इस्लाम मस्जिद, आयरन पिलर, इल्तुतामिश टोम्ब, अलाई दरवाजा, अराउंड महरौली, क्विज, ई बुक, इतिहास, वर्चुअल वाक थ्रू।
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