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वसंत का मौसम -सेवाराम नन्दवाल

मनोज सर के कक्षा में पहुँचते ही विद्यार्थियों ने खड़े होकर सादर अभिवादन किया। मनोज सर ने उत्तर देते हुए बैठने का इशारा कर कहा, “तुम सबको वसंत पंचमी की शुभकामनाएँ, पता है  न आज हमारे विद्यालय में यह उत्सव मनाया जाएगा”।  “हाँ सर पता है, आज सरस्वती देवी की पूजन किया जाता है, विद्या की देवी को समर्पित दिवस है”,  मोहित ने मुस्कुराते हुए कहा। “वैसे सर सरस्वती माता और उनकी धारण की हुई वस्तुओं से हमें बहुत सारी शिक्षाएँ मिल जाती हैं पर ऋतुराज वसंत से...?’’ कहते हुए दिव्या चुप हो गई। ‘‘ऋतुराज वसंत से भी अनेक सीख मिलती है। आखिर ऋतुराज की संज्ञा इसे यूँ ही नहीं मिली और बच्चों... सीख तो हमें प्रत्येक पर्व-त्योहार से मिल सकती है, बस उसे खोजने की इच्छाशक्ति होनी चाहिए” मनोज सर ने मुस्कुराते हुए कहा। कुछ विद्यार्थी प्रश्नवाचक नजरों से उनकी ओर देखने लगे, मनोज सर ने आश्वस्त किया- ‘‘हाँ बच्चों विश्वास मानो, वसंत के प्रतीकों से शिक्षा, ग्रहण कर हम अपने...

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